Monday, January 20, 2020

अकेलापन

चलो
आज एक
काम करते हैं
कुछ नहीं कहते
बस एक दूजे को
सुनते हैं।
बहुत हुई
बाते बहसें और लड़ाइयां
आज मौन होकर
सुनते हैं अपनी
खामोशियाँ
होकर साथ
एक दूजे के
मिटा लेते हैं
सारी तन्हाईयाँ
चुप रहकर ही
सुलझा लेते हैं
अपनी सारी
लड़ाइयां
चलो
आज न कुछ
कहें न सुनें
बस महसूस करें
एक दूजे की
उपस्थिति
और दूर कर दें
बेइंतहा फैला हुआ
अकेलापन।।।

डॉ. आशु जैन 17/11/19

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