चलो
आज एक
काम करते हैं
कुछ नहीं कहते
बस एक दूजे को
सुनते हैं।
बहुत हुई
बाते बहसें और लड़ाइयां
आज मौन होकर
सुनते हैं अपनी
खामोशियाँ
होकर साथ
एक दूजे के
मिटा लेते हैं
सारी तन्हाईयाँ
चुप रहकर ही
सुलझा लेते हैं
अपनी सारी
लड़ाइयां
चलो
आज न कुछ
कहें न सुनें
बस महसूस करें
एक दूजे की
उपस्थिति
और दूर कर दें
बेइंतहा फैला हुआ
अकेलापन।।।
डॉ. आशु जैन 17/11/19
आज एक
काम करते हैं
कुछ नहीं कहते
बस एक दूजे को
सुनते हैं।
बहुत हुई
बाते बहसें और लड़ाइयां
आज मौन होकर
सुनते हैं अपनी
खामोशियाँ
होकर साथ
एक दूजे के
मिटा लेते हैं
सारी तन्हाईयाँ
चुप रहकर ही
सुलझा लेते हैं
अपनी सारी
लड़ाइयां
चलो
आज न कुछ
कहें न सुनें
बस महसूस करें
एक दूजे की
उपस्थिति
और दूर कर दें
बेइंतहा फैला हुआ
अकेलापन।।।
डॉ. आशु जैन 17/11/19
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