Monday, January 20, 2020

अमीर गरीब



जैसे
समुद्र में
मछलियाँ खाती हैं
एक दूसरे
को

वैसे
लीलता है
इस धरा पर
अमीर गरीब
को।

जैसे
करती हैं
कुछ मछलियाँ गन्दगी
तालाब में
रहकर

वैसे
करके हमला
आतंकवादी मानता है
शैतान को
रहबर।

डॉ. आशु जैन 30/04/19

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