Monday, January 20, 2020

चाहतें

चाहतों ने अब अपना
घर बदल दिया
उन्होंने भी अपना
हमसफ़र बदल दिया
हम खयालो में भी
उन्ही के डूबे हुए
हमे खबर भी न हुई कि
इस कदर बदल दिया।
नादाँ था दिल मेरा
मासूम था बहुत
पाने को तुझे फिर से
एक बार मचल गया।
किस्से सुनाए हमने
तेरी बेवफ़ाई के
रूठा तो था बहुत मगर
फिर भी सम्भल गया।
अब कश्ती तो एक है
मगर मंजिल हुई जुदा
कि लहरे वही रही
और साहिल बदल गया।

डॉ. आशु जैन 7/06/19

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