कुछ अधूरी ख्वाहिशें
मेरे मन के कोने में
चुपचाप पड़ी रहती हैं
देखती है अन्याय
अत्याचार और अनाचार
फिर भी कुछ नहीं कहती हैं
चाहतें पूरी होने को
बेसबब तैयार हैं
फिर भी कुछ बाकी है
थोड़ा इंतज़ार है।
ये इच्छायें मेरी
तब तक रहेंगी अधूरी
जब तक मासूमियत
नही पनपेगी पूरी
हैवानियत इंसान पे
इस कदर हावी है
कि ढाई साल की ट्विंकल भी
बलात्कार की मारी है।
मानसिक पंगु समाज
बर्बाद कर रहा है
हमारा कल और आज
हिम्मत नही है किसी में
कि आवाज तो उठाये
अरे! बिटिया रोज मर रही है
कोई तो बचाये
देशवासियों जागो
सरकार को जगाओ
नन्ही सी कलियों को
कुचलने से बचाओ।
जब तक देश में
आसिफा, निर्भया, ट्विंकल मरेंगी
शांति की, अमन की, प्रेम की
मेरी सारी ख्वाहिशें
अधूरी ही रहेंगी।
डॉ. आशु जैन 07/06/19
मेरे मन के कोने में
चुपचाप पड़ी रहती हैं
देखती है अन्याय
अत्याचार और अनाचार
फिर भी कुछ नहीं कहती हैं
चाहतें पूरी होने को
बेसबब तैयार हैं
फिर भी कुछ बाकी है
थोड़ा इंतज़ार है।
ये इच्छायें मेरी
तब तक रहेंगी अधूरी
जब तक मासूमियत
नही पनपेगी पूरी
हैवानियत इंसान पे
इस कदर हावी है
कि ढाई साल की ट्विंकल भी
बलात्कार की मारी है।
मानसिक पंगु समाज
बर्बाद कर रहा है
हमारा कल और आज
हिम्मत नही है किसी में
कि आवाज तो उठाये
अरे! बिटिया रोज मर रही है
कोई तो बचाये
देशवासियों जागो
सरकार को जगाओ
नन्ही सी कलियों को
कुचलने से बचाओ।
जब तक देश में
आसिफा, निर्भया, ट्विंकल मरेंगी
शांति की, अमन की, प्रेम की
मेरी सारी ख्वाहिशें
अधूरी ही रहेंगी।
डॉ. आशु जैन 07/06/19
No comments:
Post a Comment