सड़कों पे चलते
दूरियों को नापते
लम्बाई को जाँचते
हम चल रहे है
नए सफर पे
निकल रहे हैं
आसमान की ऊँचाई
समुद्र की गहराई
को मापने हम
मचल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
देखने को चाँद
छूने पूरा आसमान
धरती पर हम जोर से
उछल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
बेड़ियो को तोड़ेंगे
बेटियों को जोड़ेंगे
बंधनों को पैरों तले
कुचल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
डॉ. आशु जैन 05/01/2020
दूरियों को नापते
लम्बाई को जाँचते
हम चल रहे है
नए सफर पे
निकल रहे हैं
आसमान की ऊँचाई
समुद्र की गहराई
को मापने हम
मचल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
देखने को चाँद
छूने पूरा आसमान
धरती पर हम जोर से
उछल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
बेड़ियो को तोड़ेंगे
बेटियों को जोड़ेंगे
बंधनों को पैरों तले
कुचल रहे हैं
हम नए सफर पे
निकल रहे हैं।
डॉ. आशु जैन 05/01/2020
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