Tuesday, April 16, 2019

गहना/ आभूषण
तू मेरा श्रृंगार है प्रियतम तू ही मेरा गहना है
मन ही मन में सोच रही हूँ कबसे तुझसे कहना है
तुझसे मेरी भोर सजनवा तुझसे मेरी रैना है
तू चाहे या न चाहे पर तेरे दिल में रहना है।
तू मेरी चूड़ी है साजन तू ही बिंदिया है मेरी
तू ही मेरा स्वप्न सलोना तू ही निंदिया है मेरी
अब तो तेरी कसम उठाकर मुझको इतना कहना है
तू चाहे या न चाहे पर तेरे दिल में रहना है।
रूप तुम्हारा श्याम सलोना जैसे आंखों का काजल
मन्द मधुर आवाज़ तुम्हारी जैसे बजती है पायल
अब न दिन में होश है मुझको न रातों में चैना है
तू चाहे या न चाहे पर तेरे दिल में रहना है।
तू मेरा आभूषण है, तुझको मैंने पहन लिया
दुनिया ने था बहुत सताया मैने सबकुछ सहन किया
अब जिसको जो करना कर ले मुझको तेरी होना है
तू चाहे या न चाहे पर तेरे दिल में रहना है।
डॉ. आशु जैन 15/04/19

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