Sunday, January 6, 2019

दिल

आज बारिश में भीगने का मजा आ गया
आंखों में आंसुओं का जलजला आ गया
जी भर के भीगे, जी भर के रोये
बेजार रोने का मजा आ गया।
भरी बरसात और तेरी याद, वाह!!
दोनों के साथ होने का मजा आ गया।
तेरी यादें अक्सर आंखे नम किया करतीं थीं
तेरी यादों को भिगोने का मजा आ गया।
हर पल रोया है *दिल* , तुझे खोने के बाद
आज यादों में खोने का मजा आ गया।
मैं तुझे ढूँढा करती थी बाहर हर जगह
आज खुद में तेरे होने का मजा आ गया।
पहले तेरी बातें इधर उधर की लगती थीं
आज बातों की कड़ियाँ पिरोने का मजा आ गया।
अब तलक अकेली थी मैं तन्हाइयों से घिरी
सुनसान सड़कों पे तेरे साथ होने का मजा आ गया
जिस्म तो बने ही हैं जुदा होने के लिए
रूह से रूह के साथ होने का मजा आ गया।
डॉ. आशु जैन

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