Sunday, January 6, 2019

बार-बार

बार-बार
तेरा चेहरा मैं देखा करूँ *बार- बार*
हर बार आता है थोड़ा ज्यादा सा प्यार
तू नजरें मिलाये तो धड़क जाता है दिल
सहम जाती हैं सांसे खो जाता है करार।
अरमान थोड़े और बढ़ जाते हैं हर बार
लगता है नाचूँ पहन के घुंघुरू हज़ार
तेरे आने की खबर जब आती है पास
आ जाता है मज़ा बढ़ जाता इंतजार।
जब सामने आके तू रुक जाता है मेरे यार
उड़ जाते हैं होश छा जाता है खुमार
कैसे बताऊँ तुझे हाल-ए-दिल सनम
नासाज़ हो जाती है तबियत आ जाता है बुखार।
मान ले तू  मेरी बात बस आज एक बार
छोड़ के दुनियादारी घर आजा दिलदार
बन जा मेरा सिंदूर चमका दे साज सिंगार।
डॉ. आशु जैन 30/12/18

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