Sunday, January 6, 2019

वो

वो मीत मेरा मनमीत मेरा
जीवन का वो हर गीत मेरा
मेरे अंधियारे हर पल में
आशाओं का वो दीप मेरा।
जब-जब तन्हाई ने घेरा
वो बनता है संगीत मेरा,
जब प्यार की नदियाँ सूखी हो
वो देता सुख का नीर झरा,
जब पतझड़ का मौसम आये
वो करता दिल को हरा भरा,
जब सूनी रातें डसती हैं,
वो चाँदनी देता है बिखरा
जब उम्मीदें सारी टूटी हों
वो भर देता उत्साह नया
वो मीत मेरा मनमीत मेरा
जीवन का वो हर गीत मेरा।
डॉ. आशु जैन 29/12/18

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