Saturday, December 1, 2018

मीत

वो प्रीत का दामन छोड़ गया
वो मीत मेरा दिल तोड़ गया
जब चारों ओर अंधेरा था
वो भी हमसे मुँह मोड़ गया।
वो बात हमारी करता था
यादों में तारे गिनता था
जब दूर किनारा पाया तो
मझधार में हमको छोड़ गया।
तब दिन हम थे और रात हमीं
सावन भी हम बरसात हमीं
जब रात अमावस की आई
वो बीच रात में छोड़ गया।
वो हरदम साथ चला करता
दिल में भी प्यार पला करता
जब साथ नहीं दे पाया तो
वो हाथ हमारा छोड़ गया।
वो मेरी दुनिया था पूरी
मैं उसकी पूरी दुनिया थी
मेरी दुनिया तो छोड़ी ही
पर ये दुनिया भी छोड़ गया
वो प्रीत का दामन छोड़ गया
वो मीत मेरा दिल तोड़ गया।
डॉ. आशु जैन 28/11/18

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