कन्या भोजन: लघु कथा
ईश्वरी अम्माँ सुबह से परेशान घूम रही थी , मुझसे देखा नहीं गया और मैंने रोक कर पूछ ही लिया की अम्माँ क्या बात है? क्यूँ परेशान हो ? वह साँस थामते हुए बोली -बेटी , क्या बताऊँ आज घर में कन्या भोजन है आठ कन्याएँ तो मिल गईं है बस एक और मिल जाए तो पूरी नौ हो जाएगी वरना कही मेरी देवी माँ नाराज़ ना हो जाए . बस इसीलिए परेशान हूँ कहते हुए वो निकल गई . इतने में मेरी पड़ोसन आके मुझसे बोली की पिछले महीने ईश्वरी की बहु तीन माह गर्भ से थी उसने सोनोग्राफ़ी करवाई और पता चला कि तीसरी भी बेटी है. ईश्वरी ने रोती बिलखती बहू की एक ना सुनी और उसका गर्भपात करा दिया. आज शायद वही एक कन्या उसके कन्या भोज में कम पड़ गई.
मेरे मन में एक सवाल अभी भी उठ रहा है - कि देवी जी एक कन्या के कम जीमने से नाराज़ होंगी या उसे गर्भ में ही मार डालने से ?
डॉ. आशु जैन 16-10-18
ईश्वरी अम्माँ सुबह से परेशान घूम रही थी , मुझसे देखा नहीं गया और मैंने रोक कर पूछ ही लिया की अम्माँ क्या बात है? क्यूँ परेशान हो ? वह साँस थामते हुए बोली -बेटी , क्या बताऊँ आज घर में कन्या भोजन है आठ कन्याएँ तो मिल गईं है बस एक और मिल जाए तो पूरी नौ हो जाएगी वरना कही मेरी देवी माँ नाराज़ ना हो जाए . बस इसीलिए परेशान हूँ कहते हुए वो निकल गई . इतने में मेरी पड़ोसन आके मुझसे बोली की पिछले महीने ईश्वरी की बहु तीन माह गर्भ से थी उसने सोनोग्राफ़ी करवाई और पता चला कि तीसरी भी बेटी है. ईश्वरी ने रोती बिलखती बहू की एक ना सुनी और उसका गर्भपात करा दिया. आज शायद वही एक कन्या उसके कन्या भोज में कम पड़ गई.
मेरे मन में एक सवाल अभी भी उठ रहा है - कि देवी जी एक कन्या के कम जीमने से नाराज़ होंगी या उसे गर्भ में ही मार डालने से ?
डॉ. आशु जैन 16-10-18
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