Wednesday, September 19, 2018

हमसफ़र

मेरी चाहतों का सिलसिला इस तरह चलता रहे,
मेरे दिल में  प्यार तेरा हर समय पलता रहे,
तू कहीं भी रहे दुनिया मे  मेरे ए हमसफर
अहसासों का ये दिया हर सांस में जलता रहे।
तेरी खुशबू मेरी रूह में बस जाए कुछ इस तरह,
कि मेरी हर एक साँस में बस तू मुझे मिलता रहे।
तेरे हरएक ख्वाब को मैं भर लूँ अपनी आंख मैं,
अपना हर एक ख्वाब बनके फूल यूँ खिलता रहे।
ज़िन्दगी तो नाम तेरे कर चुकी हूँ मैं सनम,
ख्वाहिशें हैं हर जनम बस तू मुझे मिलता रहे।
डॉ आशु जैन 'अश्क'

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