Wednesday, September 19, 2018

विघ्नहर्ता

हे विघ्नहर्ता गणेश,
आओ न फिर से हरो सभी के क्लेश,
हे मुक्तिदायक गजानन,
बचाओ नन्ही सी परियों का दामन,
हे अन्तर्यामी लंबोदर,
बना दो सबके मन में दया ममता का घर,
हे ममतामयी गौरी नंदन,
भर दो मन मे प्रेम का सघन वन,
सुनो हे सृष्टि के पालनहार
एक बार फिर से लो अवतार,
आ जाओ दुखियों के दुख हरने,
आ जाओ हमारा भला करने।
आ जाओ आ जाओ......
डॉ आशु जैन

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