क्यों न आज कुछ ऐसा
काम कर जाएं
बुला लें राम को नीचे या
स्वयं ही राम बन जाएं।
दहन कर लें सभी बदमाशियों
का अपने भीतर ही
जलाकर मन के रावण को
विजयी राम बन जाएं।
चलो सबको खुशी बाटें
दुखों को दूर भी कर दें
पाके दिव्यता को हम
दिव्य श्री राम बन जाएं।
जुटा लें आज हम साहस
जूठे बेर खाने का
मिटा के जाति के बन्धन
प्रभु श्री राम बन जाएं।
न केवल मानवों से
मानवीय भाव हम पालें
मूक पशुओं को भी सम्मान देकर
राम बन जाएं।
बचा लें आज हर सीता
को पहले खुद की दृष्टि से
जलाकर फिर दशानन को
बहादुर राम बन जाएं।
डॉ. आशु जैन 06/10/19
काम कर जाएं
बुला लें राम को नीचे या
स्वयं ही राम बन जाएं।
दहन कर लें सभी बदमाशियों
का अपने भीतर ही
जलाकर मन के रावण को
विजयी राम बन जाएं।
चलो सबको खुशी बाटें
दुखों को दूर भी कर दें
पाके दिव्यता को हम
दिव्य श्री राम बन जाएं।
जुटा लें आज हम साहस
जूठे बेर खाने का
मिटा के जाति के बन्धन
प्रभु श्री राम बन जाएं।
न केवल मानवों से
मानवीय भाव हम पालें
मूक पशुओं को भी सम्मान देकर
राम बन जाएं।
बचा लें आज हर सीता
को पहले खुद की दृष्टि से
जलाकर फिर दशानन को
बहादुर राम बन जाएं।
डॉ. आशु जैन 06/10/19
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