मेरे साथ एक हसीन हादसा हो गया
तू मुझे मिला नया फलसफा हो गया
चल रहे थे दोनो मगर मंजिलें तो थी जुदा
नजर -ए- दीदार क्या हुआ एक रास्ता हो गया
दुनिया की भीड़ में सब हैं अनजाने मगर
तुमसे ही क्यों अपनेपन का वास्ता हो गया
कितने करीब थे मेरे रिश्ते जहान में
तू क्या मिला सबसे फासला हो गया
आया जो तू तो ख्वाबों का सिलसिला कुछ यूँ चला
मेरी हकीकतों का मंज़र ख़ाकसा हो गया।
डॉ. आशु जैन 07/12/18
तू मुझे मिला नया फलसफा हो गया
चल रहे थे दोनो मगर मंजिलें तो थी जुदा
नजर -ए- दीदार क्या हुआ एक रास्ता हो गया
दुनिया की भीड़ में सब हैं अनजाने मगर
तुमसे ही क्यों अपनेपन का वास्ता हो गया
कितने करीब थे मेरे रिश्ते जहान में
तू क्या मिला सबसे फासला हो गया
आया जो तू तो ख्वाबों का सिलसिला कुछ यूँ चला
मेरी हकीकतों का मंज़र ख़ाकसा हो गया।
डॉ. आशु जैन 07/12/18
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