Friday, November 23, 2018

जोड़ -तोड़

जोड़-तोड़:
तिनका तिनका जोड़ जोड़ के
घोंसला अपना बना लिया
जरूरतें अपनी तोड़ तोड़ के
घर को अपने सजा लिया
हर महीने की जोड़ - तोड़ का
कच्चा पक्का रखा हिसाब
आय से ज्यादा खर्च हो गया
चलेंगे कैसे खाली हाथ
हर महीने की यही कहानी
तन्खा खत्म, खत्म ज़िंदगानी
आम आदमी कमर तोड़ के
पाई पाई जोड़ जोड़ के
महीने भर घर को चलाये
लेकिन चिंता खाये जाए
गर कभी जरूरत पड़ जाए
बीच में पैसे कहाँ से लाये
अपने बड़े जुगाड़ लगाए
जरूरतों को पूरा करता जाए
बड़ी कहानी जोड़- तोड़ की
पर हर कोई ये समझ न पाए।
डॉ. आशु जैन 18/11/18

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