कोई है जो फुटपाथ पे चुपचाप सो रहा है,
अपने चेहरे को आंसुओं से भिगो रहा है,
कैसी होती अगर उसकी भी होती 'ज़िन्दगी'
ऐसे मधुर स्वप्न दिल में संजो रहा है।
कब किस दिन आ जाए वो किसी गाड़ी के नीचे
बातें ऐसी सोच के भयभीत हो रहा है,
सड़क किनारे आज शादी है किसी की
खायेगा भरपेट खाना सोच के खुश हो रहा है।
कोई है जो........
डॉ. आशु जैन 26/10/18
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