Thursday, September 27, 2018

ज़िन्दगी क्या है


यही क्षण, यही पल, इसी समय यही वर्तमान ज़िन्दगी है।
क्योंकि आने वाला पल भविष्य है और बीता हुआ पल अतीत। ज़िन्दगी ज़िन्दादिली का नाम है
जो ज़िंदादिल है वही ज़िंदा है जो जीना नही जानते वे मरे हुए के समान है। हम मौत की बात करें ही क्यों जब बात ज़िन्दगी की चल रही है, मौत तो शाश्वत है ही पहले ज़िन्दगी का जश्न तो मना लो फिर मौत तो आनी ही है।
ज़िन्दगी एक जश्न है
जिसमे न जाने कितने प्रश्न है
हर अनसुलझे सवाल का जवाब है जिंदगी
जरा गौर से देखो खुली किताब है ज़िन्दगी।
जन्म से ही उम्र का साथ मिल जाता है और उस उम्र के साथ न जाने कितने अनुभव, भावनाये, ख्वाहिशें, कोशिशें, सब कुछ पलता और चलता रहता है।
 जब कठिन लगे ज़िन्दगी का प्रश्नपत्र
तो जियो वर्तमान में छोड़कर सारी चिंता और फिक्र ।
क्योंकि ज़िन्दगी वर्तमान है।
डॉ आशु जैन

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